दो माह पहले पकड़ी गयी नकली दूध फैक्ट्री के नमूनों की जाँच में दो अलग अलग जांच रिपोर्ट आने की पड़ताल करने पहुचीं सहायक निदेशक
मोहनलालगंज।मोहनलालगंज के मऊ गाँव में एक माह पहले पकडी गयी नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री में पुलिस द्वारा अलग से जाँच के लिये लैब पुलिस ने जिन दूध के नमूनों को सील कर अलग से जांच के लिये भेजे थे।जिनकी रिपोर्ट आने से स्पष्ट था कि वह दूध पूरी तरह से मिलावटी और स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक है। जिसके बाद फूड विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गयी थी। इसी को लेकर गुरुवार के दिन फूड विभाग के सहायक निदेशक जांच करने के लिए घटनास्थल और मोहनलालगंज कोतवाली पहुँचकर इंस्पेक्टर से पूछताछ करने के बाद वापस चली गईं।मोहनलालगंज के मऊ गांव में 3 फरवरी को नकली दूध की फैक्ट्री पुलिस ने पकङी थी।खाध सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री में मिले दूध के नमूने भरकर उन्हे सील कर जाँच के लिये भेजा थे उनमें नकली दूध बनाये जाने की पुष्टि नही हुयी थी।वही मोहनलालगंज पुलिस ने फैक्ट्री में ड्रमो में भरे मिले दूध के नमूनो को अलग से सील कर जाँच के लिये सील कर एफ एसडीए भेजा जहा से 14 मार्च को लैब से आयी रिपोर्ट में नकली दूध बनाने में यूरिया, नमक आदि कैमिकलों के जरिये बनाये जाने की पुष्टि हुयी थी। हांलाकि पुलिस ने नमूनों को सील करने के बाद दूध टैंकर का रवाना कर दिया था। मौके से खाघ सुरक्षा विभाग की टीम की मौजूदगी में फैक्ट्री में मिला 2350 ली०नकली दूध को नष्ट कर दिया था।

पुलिस ने फैक्ट्री में मौजूद एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।वही फैक्ट्री के संचालक सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले की विस्तृत जाँच अभी भी चल रही है। बंसकाथा डिस्ट्रीक को-आपरेटिव मिल्ड प्रडॅयूसर यूनियन लिमिटेड कानपुर देहात से 20 हजार लीटर दूध का टैंकर जीजे 2 जेड 3411 चलकर मोहनलालगंज में गोसाईगंज रोड पर स्थित मऊ के अर्ध निर्मित चांद नरूला के प्लाट में वह दूध लदा हुआ टैंकर प्रवेश कराया जाता था। जिसमें से सील पैक अमूल दूध की फैक्ट्री जाने वाले टैंकर की सील बिना तोड़े जुगाड से उसके ऊपरी ढक्कन से एक पाइप प्रवेश कराकर एक टैकंर से एक से डेढ हजार ली०असली दूध निकलकर उसमें उतना ही बनाया गया नकली दूध मिलाया जाता था इस गोरखधंधे में टैकरों के चालको को एक हजार रूपये का लालच देकर अंजाम दिया जाता था।नकली दूध बनाने वाला रैकेट प्रति दिन 6-7टैकरो से दूध निकलकर उसमें नकली दूध भरने का काम करता था। वहीं एक ही लैब में दो अलग-अलग जांचों से फूड विभाग में हड़कंप मचा है।इसी को लेकर गुरुवार को फूड विभाग की सहायक निदेशक शशि पांडेय मोहनलालगंज कोतवाली पहुची जहाँ पर मोहनलालगंज कोतवाल धीरेन्द्र कुशवाहा से पूरे घटनाक्रम के बारे में बारीकी से पूछताछ की और जो सैम्पल भरे गये थे उसकी सील और मौजूदगी के बारे में जानकारी हासिल की वही इस पूरे मामले की जाँच कर रहे जांच अधिकारी देवेंद्र सिंह के छुट्टी पर होने से पूरी बातों की जानकारी नही ले सकी और कोतवाली से वापस चली गयी।

राघवेंद्र तिवारी की रिपोर्ट
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