Thursday, March 5, 2026
spot_img
HomeMarqueeअंतर्राष्ट्रीय योग-दिवस” पूर्व-संध्या पर हुआ रिहर्सल: जनरल सेक्रेटरी

अंतर्राष्ट्रीय योग-दिवस” पूर्व-संध्या पर हुआ रिहर्सल: जनरल सेक्रेटरी

JOIN US 9918956492
BRIJENDRA BAHADUR MAURYA

अंतर्राष्ट्रीय योग-दिवस” पूर्व-संध्या पर हुआ रिहर्सल: जनरल सेक्रेटरी

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक-जगत में स्वीकार्यता को ए.ऍफ़.टी.बार एसोसिएशन भारतीय जीवन-पद्धति की स्वीकार्यता के रूप में मानती है जो सदियों पूर्व सहज रूप से भारतीय-संकृति का अभिन्न हिस्सा थी. कालांतर में यह पद्धति हमारी जीवन-शैली से दूर होकर इतिहास के पृष्ठों में सिमट गईं थी लेकिन, 21 वी सदी योग के पुनरोद्भव के काल के रूप में उभरकर हमारे सामने आया और इसे वैश्विक पहचान और स्वीकार्यता दुबारा प्राप्त हुई.

ए.ऍफ़.टी बार एसोसिएशन ने इस दिवस को मनाने का निर्णय किया जिसके लिए बार के सदस्यों ने सशत्र-बल अधिकरण, लखनऊ (ए.ऍफ़.टी.) को भी इसमें शामिल करने का विचार व्यक्त किया तत्पश्चात जनरल सेक्रेटरी विजय कुमर पाण्डेय के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधि-मंडल माननीय विभागाध्यक्ष न्यायमूर्ति डी.पी.सिंह से मिला और शामिल होने का आग्रह किया जिसे विभागाध्यक्ष ने स्वीकार करते हुए अधिकरण के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के शामिल होने सम्बन्धी आदेश जारी किया और कहा कि इस दिवस को किसी सम्प्रदाय या धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए यह एक सार्वभौमिक जीवन पद्धति है जिसे सभी अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए.

बार के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमर पाण्डेय ने बताया की आज योग का रिहर्सल योग विशेषज्ञ बी.एल. बाजपाई ने कराया जिसमे विभागध्यक्ष ने भी योग किया बार की तरफ से विधि विशेषज्ञ सुनील शर्मा, आर. चंद्रा, डा. चेत नारायण सिंह, राजीव पाण्डेय डा. ज्ञान सिंह इत्यादि शामिल हुए. कहा कि वर्तमान युग भौतिकताओं इतना जकड़ा हुआ कि व्यक्ति शारीरिक-मानसिक दुर्बलताओं का शिकार हो रहा है और विभिन-प्रकार की बीमारिया देश के सामने चुनौती के रूप में खड़ी हो गयी जिसका सामना हम योग को अपनाकर कर सकते हैं क्योंकि जब तक समाज में भौतिक, शारीरिक एवं मानसिक उन्नति समान रूप से नहीं होती तब तक सामाजिक संतुलन स्थापित नहीं होगा.

पूर्व-जनरल सेक्रेटरी एवं वरिष्ठ स्थायी-अधिवक्ता, भारत सरकार डी.एस.तिवारी ने कहा कि योग सांस्कृतिक महत्व है जहाँ एक तरफ एह व्यक्ति के शारीर को स्वस्थ रखता है वही दूसरी तरफ मानसिक शांति में सहायक होता है उनका मानना है कि यदि व्यक्ति योग को जीवनशैली का हिस्सा बना ले तो वह विभिन्न प्रकार की बीमारियों जैसे ब्लड-प्रेसर, मधुमेह, गुर्दे की बीमारी, मोटापे की समस्या, आँख से सम्बन्धित बिमारी एवं जोड़-दर्द से छुटकारा मिल सकता है, विभागाध्यक्ष के साथ आज योग का सफल रिहर्सल किया गया.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular