इटावा। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि अभियंत्रण संकाय के पूर्व अधिष्ठाता डॉ एन के शर्मा ने जीवीएम जी आर आर महाविद्यालय,चरखी,दादरी,हरियाणा के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आमंत्रित वक्ता के रूप में ऑनलाइन माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं औद्योगिक विकास में पदार्थ विभाग की महत्ता पर प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अवगत कराया कि सेमीकंडक्टर,नैनो मैटेरियल्स एवं स्मार्ट मैटेरियल्स जैसे नवाचारों ने हमारे उपकरणों को अधिक तेज छोटा एवं ऊर्जा कुशल बना दिया है,विशेष रूप से सिलिकॉन,गैलियम नाइट्रेट और ग्रेफीन जैसी सामग्रियां के उपयोग से चिप निर्माण में क्रांति आई है।
जिससे मोबाइल कंप्यूटर और संचार तकनीक का विकास नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है उद्योग क्षेत्र में भी नई सामग्रियों ने उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया है,ऊर्जा स्रोत में बैटरी तकनीक और सोलर पैनल में उपयोग होने वाली नई सामग्रियां ऊर्जा को बढ़ावा दे रही हैं।डॉक्टर शर्मा ने यह भी अवगत कराया कि आने वाले समय में सामिग्री विज्ञान इलेक्ट्रॉनिक्स और उद्योग का मुख्य आधार बनेगा,इनोवेशन के माध्यम से ऐसी सामग्रियों का विकास किया जा रहा है जो अधिक टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और उच्च प्रदर्शन वाली हो,इससे न केवल औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि भारत जैसे देशों की तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी।





