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सिद्धार्थनगर – हल्लौर । सामूहिक शौचालय के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है । मामला सिद्दार्थनगर के डुमरियागंज ब्लाक का है जहाँ ग्राम पंचायत हल्लौर में सामूहिक शौचालय के नाम पर लगभग सवा दो लाख रुपये का बंदरबांट कर लिया गया । हर वर्ष 8 राबिलव्वाल को हल्लौर में एक बड़ा धार्मिक आयोजन होता है जिसमें आसपास के गावँ से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते है जिसमें हर धर्म के लोगों का जमावड़ा होता है। इस वर्ष यह आयोजन 28 नवम्बर 2017 को हुआ जिसमें पूर्व की भांति लोगों ने भाग लिया ।इस मौके पर भी आने वालों के लिए यहां बने सार्वजनिक शौचालय में ताला लगा रहा।

बताते चलें कि ग्राम हल्लौर में मुर्दा नहलाने वाले गुसलखाने के अंदर पार्टीशन करके उसे शौचालय का रूप दे दिया गया । हांलाकिं अधूरे बने इस शौचालय का आम जनता इस्तेमाल नही कर सकती क्योंकि गुसलखाने के अंदर निर्माण होने के कारण यहां हमेशा ताला बंद रहता है। यदि यहाँ का ताला खुला भी रहता तब भी डर के कारण यहाँ शौच के लिए जाने की किसी की हिम्मत नही होती क्योंकि उसी जगह पर बिल्कुल सटे हुए मुर्दों को नहलाया जाता है जिसकी पुष्टि गांव के तमाम लोगों की है उनका कहना था कि ग्राम प्रधान अफसरी बेगम के अलावा सिकरेट्री मनमोहन वर्मा को इसकी जानकारी थी बावजूद इसके यहां शौचालय का निर्माण कराया गया और सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया।
जब इसकी शिकायत आईआरजीएस के माध्यम से उच्चाधिकारियों से की गई तो ब्लाक स्तर से जांच की खानापूर्ति करने के साथ ही क्लीन चिट देते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी प्रकार की कोई जांच नही हुई। मिली जानकारी के अनुसार न तो शिकायतकर्ता से और न ही किसी ग्रामीण से इस सम्बन्ध में बयान लेने की ज़हमत जांच अधिकारी ने कि ।
वैसे इस गांव में सरकारी धन के दुरुपयोग की यह कोई पहली कहानी नहीं है शौचालय के नाम पर प्राथमिक विद्यालय हल्लौर में भी इसी प्रकार की बंदरबांट की गई है । यहां यह भी बताना ज़रूरी है कि हल्लौर में तमाम ग्रामीण ऐसे हैं जिनके घरों में अभी भी शौचालय नहीं है जबकि अक्टूबर 2018 तक सरकार द्धारा प्रदेश को *खुले में शौच मुक्त* करने की घोषणा की जा चुकी है । यहां यह बताना जरूरी है कि ग्राम प्रधान और सिकरेट्री मनमोहन वर्मा की मिली भगत से यहां शौचालय का लाभ उन्ही को दिया गया है जो प्रधान के चहेते है या सम्पन लोग हैं जिनके घरों में पहले से ही शौचालय मौजूद है।
मन्नवर रिज़वी की रिपोर्ट ——————-
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