
औरैया में बिठाए गये थे प्रदीप यादव
बता दें कि बुधवार को औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के नामांकन के दौरान पुलिस और सपा समर्थको के बीच तीखी झड़प हुई थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच की ओर से औरैया के दिबियापुर थाने आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद और पूर्व विधायक प्रदीप यादव समेत कई लोगों को नामजद किया गया था। जिसके बाद पूर्व विधायक को औरैया के अयाना थाने में पकड़कर रखा गया था। फिलहाल पुलिस ने प्रदीप यादव को कोर्ट में पेश किया है।
पूर्व सांसद प्रदीप यादव की गिरफतारी की सूचना मिलते ही इसके विरोध मे गुरुवार सुबह 10 बजे के करीब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद औरैया जिले के अयाना थाने के लिए रवाना हुए। वहीं अखिलेश यादव के औरैया पहुंचने की खबर मिलने के बाद जिले में पुलिस प्रशासन ने सभी सीमाओ को पूरी तरह से सील कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार किसी भी सपाई को जिले में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देने की सख्त हिदायत दी गई थी।
पुलिस ने अखिलेश को दिया भरोसा
उन्नाव में हिरासत में लिये जाने के बाद पुलिस अफसरों से अखिलेश ने कहा कि प्रदीप यादव पर दर्ज सभी झूठे मुकदमें वापस लिये जाएं, अन्यथा बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इसके बाद पुलिस अफसरों ने अखिलेश से कहा कि वह खुद पूरे मामले को देखेंगे और अगर कोई मामला झूठा पाया जाता है तो संबंधित धाराओं को हटा दिया जाएगा। इसके बाद शांत हुए अखिलेश यादव को पुलिस ने वापस लखनऊ के लिए रवाना कर दिया।
कड़ी सुरक्षा में कोर्ट पहुंचे प्रदीप
ताजा जानकारी के अनुसार औरैया जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हुई हिंसा का मामले में बुधवार को गिरफ्तार किये गये सपा के पूर्व विधायक प्रदीप यादव को गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। सपा के पूर्व विधायक प्रदीप यादव ने औरैया के एसपी संजीव त्यागी पर बेवजह मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात भर पुलिस ने उन्हें कानपुर में घुमाया, एसपी ने उनसे झूठ बुलवाया।
प्रदीप के बेटे ने एसपी पर लगाये सनसनीखेज आरोप
इधर पूर्व सांसद प्रदीप यादव के बेटे पुष्पेंद्र यादव ने एसपी औरैया संजीव त्यागी और स्थानीय भाजपा नेताओं से अपने पिता की जान का खतरा बताया है। उन्होंने बताया कि कल दोपहर बाद से पुलिस उनके पिता से उनकी और परिवार के किसी भी सदस्य की मुलाकात नही होने दे रही है। इसलिए पुलिस के इरादे नेक नही लग रहे है।
कल हुई थी पुलिस ओर सपाइयों में तीखी झड़प
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के नामांकन के दौरान कल पुलिस और सपा समर्थको के बीच तीखी झड़प के बाद जबरदस्त हंगामा हो गया। बताया गया कि भाजपा समर्थक जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार दीपू सिंह सेंगर की स्कार्पियो गाड़ी से लाइसेंसी हथियारों के ककोर मुख्यालय तक पहुंचने पर मामला बेकाबू हो गया।
सपाइयों ने किया था विरोध, फूंक दी थी कई गाड़ियां
सपाईयो ने इस बात का विरोध किया जब दीपू सिंह की गाडी वहां तक जा सकती है तो फिर उनकी गाड़ियों को आखिरकार क्यों रोका जा रहा है। इसी बीच बीजेपी के गरौठा विधायक की गाड़ी के मुख्यालय में घुसने को लेकर बवाल हुआ। इसी बीच पथराव और आगजनी के बीच गाड़ी को जला दिया गया।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, फायरिंग और लाठी चार्ज भी किया। इस आरोप मे दिबियापुर के पूर्व सपा विधायक प्रदीप यादव को खुद एसपी औरैया ने गिरफतार कर लिया।
कानून के मुताबिक हो रहा काम : एसपी
औरैया के एसपी संजीव त्यागी ने बताया कि नामांकन कराने के बहाने भारी भीड़ लेकर जो लोग आये हुए थे उन्होने हंगामा करते हुए कानून व्यवस्था बिगाडने का काम किया है इसलिए सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है।
एसपी कर रहे तानाशाही : प्रदीप यादव
अपनी गिरफतारी के बाद प्रदीप यादव ने एसपी औरैया संजीव त्यागी पर खुल कर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपाइयों के इशारे पर एसपी ने सपा के अधिकत उम्मीदवार सुधीर यादव का नामांकन नही करने दे रहे थे। जब हम सुधीर यादव के प्रस्ताव जिला पंचायत सदस्य ममता देवी और जितेन्द्र कुमार को नामांकन कराने के लिए ले जा रहे थे तो एसपी ने आकर रोक लिया और नामांकन करने से मना किया। उन्होंने बताया कि आयोग के निर्देश के क्रम में सुधीर यादव का नामांकन करने की प्रकिया अपनाई जा रही थी लेकिन सुधीर का नामांकन ना हो सके इसलिए उनको बेहिसाब पीटा गया उनके कपडे फाड दिये गये। उनके शरीर मे खासी चोटे आई हुई हैं। सपाई कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि यहां भाजपा के पक्ष में तानाशाही चल रही है।
निष्पक्ष चुनाव कराना हमारी जिम्मेदारी : डीएम
औरैया के जिलाधिकारी जयप्रकाश सगर ने बताया कि उनके पास दीपू सिंह सेंगर और कल्लू यादव के नामांकन पत्र पेश हुए। दोनों के नामांकनो को बैध पाया गया । 23 अगस्त को निष्पक्ष चुनाव कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग से मिले निर्देश के क्रम मे निष्पक्ष चुनाव प्रकिया अपनानी है।

बता दें कि सपा प्रत्याशी कल्लू के खिलाफ कुछ रोज पहले रेप का एक मुकदमा दर्ज कराया गया है। तभी से पुलिस कल्लू को तलाश रही थी लेकिन वह उनके हत्थे नहीं चढ़ सका। पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए सपा ने कुछ समय पहले ही कल्लू के नाम की घोषणा की थी।
———————————————————————





