मेजर ध्यान चंद को भारत-रत्न दिए जाने के लिए ए.ऍफ़.टी.बार. ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान
हस्ताक्षर अभियान मेजर ध्यान चंद के निर्णायक परिणाम तक जारी रहेगा : विजय कुमार पाण्डेय
हाकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद को भारत रत्न दिए जाने की मांग ए.ऍफ़.टी.बार एसोसिएशन, लखनऊ लम्बे समय से जोरदार तरीके से उठाती रही है, 10 जून को एक सामाजिक-कार्यक्रम में ध्यान चंद के पुत्र अशोक कुमार से ए.ऍफ़.टी टी.बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि-मण्डल संयुक्त-सचिव पंकज कुमार शुक्ला और डी.एस.तिवारी के नेतृत्व में मिला था जिससे ध्यान चंद के पुत्र हाकी खिलाडी अशोक कुमार ने प्रतिनिधि मंडल से मेजर ध्यान चंद को भारत-रत्न दिलाने के लिए के लिए संघर्ष करने की बात कही थी जिसकी जानकारी मिलने के बाद बार के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार पाण्डेय इसके बावत एक अभियान के तहत अपनी मांग को विभिन्न मंचों पर प्रखर तरीके से उठाते रहे हैं और उनका यह अभियान ध्यान चंद को भारत-रत्न मिलने तक जारी रहेगा इसके लिए बार के अध्यक्ष डा. चेत नारायण सिंह, बार के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार पाण्डेय एवं डी.एस.तिवारी ने ‘मेजर ध्यान चंद भारत-रत्न स्मृति वृक्ष’ लगाकर संघर्ष की शुरुआत कर चुके हैं l इस मांग को बल प्रदान करने के लिए बार के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार पाण्डेय हस्ताक्षर अभियान का प्रारम्भ करते हुए कहा कि हाकी के जादूगर, पितामह और वर्तमान हाकी प्रेमियों के प्रणेता मेजर ध्यान चंद ने ‘लंदन फॉकस्टोन फेस्टीवल’, समर ओलंपिक’ नीदरलैण्ड, लॉस एंजेल्स ओलंपिक, न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया का दौरा और समर ओलंपिक में सम्पूर्ण विश्व में भारत के सम्मान और पहचान को मजबूती स्थापित ही नहीं किया बल्कि भारत और भरतीय नागरिकों में परतंत्रता के विरुद्ध आत्म-गौरव का भाव जागृत किया जिसका प्रभाव सामाजिक, आर्थिक एवं राजनितिक क्षेत्रों पर पड़ा और एक गौरवान्वित भारत का उद्भव हुआ लेकिन आज तक उसी देश ने उपेक्षित व्यवहार निदर्शित किया जिसे किसी भी रूप में जायज नहीं ठहराया जा सकता l विजय कुमार पाण्डेय ने पत्रकारों को बताया कि हमारी बार इस विषय को भावना से जुडा विषय मानती है क्योंकि हर भारतीय इस बात से सहमत दिखाई पड़ता है कि ध्यान चंद जी भारत-रत्न के लिए सर्वथा पात्र व्यक्ति हैं इसलिय हमने इसके समर्थान में आज से हस्ताक्षर अभियान चलाया है जिसमे बहुतायत अधिवक्ता समाज के मध्य पहुंचकर समर्थन में हस्ताक्षर लिया जाएगा इसके साथ ही सभी बारों को इस मुद्दे पर जोड़कर व्यापक समर्थन प्राप्त किया जाएगा l विजय पाण्डेय ने यह भी कहा कि यह बेहद ही अफसोसजनक है कि विश्व हाकी के आदर्श मेजर ध्यान चन्द को भारत-रत्न सम्मान दिलाने के लिए हमें इस तरह के अभियान की जरूरत पड़ी लेकिन मेरी बार के लिए यह गौरवान्वित करने वाला विषय है की हमारी बार निर्विवाद रूप से स्थापित हाकी शिखर को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष लोकतांत्रिक पद्धति से कर रही है यह अभियान सभी अधिवक्ताओं के मध्य लेकर हम जायेंगे और उनको इस विषय के प्रति जाग्रुक्क्रेंगें और इसके समानांतर मुहीम चलाने के लिए प्रेरित करेंगें, संघर्ष कठिन है लेकिन हम दृढ-संकल्प हैं कि निर्णायक संघर्ष हमारा तब तक जारी रहेगा जब तक कोई मुकाम हासिल नहीं हो जता l पूर्व जनरल सेक्रेटरी डी.एस. तिवारी ने कहा कि विश्व में भारतीय राष्ट्रीय खेल को पहचान दिलाने वाली सख्सियत की उपेक्षा को अब हम और आगे नहीं खींच सकते उन्होंने कहा कि ध्यान चंद ने दुनिया के प्रत्येक हिस्से और हाकी की हर स्पर्धा में इतने गोल और पदक प्राप्त किए जिसकी सराहना भारत-रत्न सचिन तेंदुलकर ने भी की, उनके द्वारा किए गये गोलों की संख्या क्रिकेट की बराबरी करते दिखाई पड़ते हैं लेकिन आज तक हमने ऐसी शख्सियत को उपेक्षा के भाव से याद किया जो किसी भी रूप से उचित नहीं है, ‘पद्मभूषण’ और खेल दिवस जैसे सम्मान से अब देश रुकने वाला नहीं है अब देश की यह मांग है कि भारत अब ध्यान चंद को भारत-रत्न दे और हमारी बार के जनरल सेक्रेटरी ने जो हस्ताक्षर अभियान प्रारम्भ किया है इसे हम प्रत्येक वर्ग के बीच लेकर जायेंगें और निर्णायक परिणाम तक यह अभियान जारी रहेगा l डी एस तिवारी ने कहा कि पात्र-व्यक्ति की उपेक्षा को हम कब तक मूकदर्शी बनकर देखते रहेंगें l संयुक्त-सचिव पंकज शुक्ला ने कहा कि हमारी बार अब ध्यान चंद को भारत-रत्न दिलाने की मांग पर हस्ताक्षर अभियान प्रारम्भ कर चुकी है और इसे जोरदार ढंग से उठाएगी, बार के प्रमुख सदस्य शमशाद आलम ने कहा कि उपेक्षा को स्वीकार करने की समय सीमा होती है हिटलर के सामने न झुकने वाले व्यक्ति को देश उपेक्षित करता रहा जो कि अफसोसजनक है लेकिन अब हम रुकेंगे नहीं उपस्थित अधिवक्ता रोहित कुमार, अनुराग मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, विशाल भटनागर,पारिजात बेलोरा, श्रीमती कविता मिश्रा, सुश्री कविता सिंह वी.पी.पाण्डेय, डी.के.पाण्डेय, डा.आशीष अस्थाना, आशीष कुमार सिंह, सूर्य भान सिंह, जे.एन.राय, सुश्रीहेमलता, आर.एन.त्रिपाठी, रोहित कुमार, शैलेन्द्र कुमार सिंह एवं के.के.एस.बिस्ट ने हस्ताक्षर अभियान का समर्थन किया.






