मानकों को ताक पर रखकर बनाये गये बहुमंजिला गेस्ट हाउस हादसों को दे रहे दावत
आवासीय छोटे-छोटे भूखंडों पर बना दिये गये कामर्शियल गेस्ट हाउस
नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, संचालक लगवाते हैं सड़कों पर जाम
मानक विहीन बहुमंजिली इमारतों में हो सकता है कभी भी हादसा, पड़ सकता है रंग में भंग
जानकर भी प्रशासनिक जिम्मेदार बेखबर !

कानपुर महानगर। शहर भर में शादियों का दौर जोरों पर है। जहाँ हर तरफ बैंड बाजे की धुन और शहनाई गूँजती सुनाई पड़ रही है! वहीं सजी हुई लग्जरी कारों और ऊँची-ऊँची बग्घियों पर बैठे दूल्हे राजा देखने को मिलते हैं। लेकिन जहाँ ये “बैंड बाजा बाराती” जहाँ जा रहे हैं उन जगहों में मानक के विपरीत बहुमंजिली इमारतों में बनें कई गेस्ट हाउस हादसों को दावत दे रहे हैं। आवासीय छोटी-छोटी जगहों पर मानकों को ताक पर रखकर बनाये गये इन गेस्ट हाउसों में कभी भी हादसे हो सकते हैं जिससे रंग में भंग भी पड़ सकता।
कानपुर महानगर में बिन मानक बहुमंजिली इमारतें! नाम कहीं गेस्ट हाउस, उपवन, लॉन तो कहीं कहीं ट्रस्ट और धाम! लेकिन शुभ अवसर पर अपनी सुविधा के लिये किराये पर लेने वाले ग्राहकों को ये सिर्फ और सिर्फ मौत के साये में रखते हैं। क्योंकि इन उपरोक्त जगहों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होते। शादी समारोह हो या तिलक समारोह, या फिर अन्य कोई कार्यक्रम ये गेस्ट हाउस पब्लिक से भरे देखे जाते हैं। परन्तु लोगों से खचाखच भरे इन गेस्ट हाउसों में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होते। छोटी-छोटी आवासीय जगहों पर बनाई गई इन बहुमंजिली इमारतों में कामर्शियल गेस्ट हाउस धड़ल्ले से चलाये जा रहे हैं। कहीं-कहीं तो ये गेस्ट हाउस और इनके संचालक राहगीरों के लिये मुसीबत बनते हैं। क्योंकि छोटी सी जगह में बनाये गये गेस्ट हाउस में पार्किंग न होने के कारण इनके अंदर आने वाले मेहमान अपने-अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा करने पर मजबूर होते हैं। जिससे सड़क पर भारी भरकम जाम लगा हुआ देखा जाता है। जानकार बताते हैं कि मानक विपरीत बनाई गईं बहुमंजिला इमारतों में चल रहे इन गेस्ट हाउस संचालकों की करतूत जिला प्रशासनिक जिम्मदारों को होती है फिर भी इसके जिम्मेदार जानकर भी अंजान रहते हैं।
कामर्शियल प्रयोग में लायी जा रही इन इमारतों में सुरक्षा का कोई खास इंतजाम नहीं होता है। इन गेस्ट हाउसों में चोरियों की भी कई शिकायतें आती हैं। शादी वाले घरों के मेहमानों के जेवर रहे हों या दुल्हन के जेवरों से भरा हुआ बैग। इन गेस्ट हाउसों से ही चोरी हुये हैं। जिस पर काफी हंगामे भी हुये। लेकिन फिर भी हादसों को दावत देते छोटी छोटी जगहों पर बनाये गये ये गेस्ट हाउस धड़ल्ले से चल रहे हैं।
सर्वोत्तम तिवारी की रिपोर्ट





