सत्येन्द्र प्रकाश तिवारी————————-
लखीमपुर-खीरी – एक तरफ मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्य नाथ जनता मे सरकार की छवि को सुधारने के लिए दिन रात एक करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं।और हर रोज जनता दरबार लगाकर जनता की नब्ज टटौल रहे हैं। इनके द्वारा जारी फरवानो का यथोचित पालन न कर पाने से जनता दरबार में सरकार की छवि व कार्यशैली पर बट्टा लगा रही है,
राजनीतिज्ञ आधार पर योगी सरकार दृारा जनता के हितों को सर्वोपरि मानते हुए कई फैसले जनहित के लिए किये गये लेकिन जनपद लखीमपुर-खीरी के जिला प्रशासन दृारा योगी के फरमानो की धज्जियां उड़ाई जा रही है, जानकारी के अनुसार खम्भारखेड़ा चीनी मिल मे गन्ना सर्वे के नाम पर होता है खेल बड़े किसानों की मिल शुरू होते ही पर्चिया चालू हो जाती है ,पर्चिया छोटे व मझोले किसानों की पर्चिया मिल बन्द होने के समय आ पाती है
जिससे छोटे किसान अपनी अन्य फसल भी नही बो पाता है जिन छोटे किसान के पास लगभग 2 या 3 बीघा जमीन है उन किसानों की पर्चिया लगभग आखिरी समय में मिल पाती है,और जो लोग गरीबों की जमीन ठेके पर जोत रहे हैं उनके नाम चाहे 2 बीघा जमीन हो उनके सट्टे पर अनगिनत पर्चिया बनायी जाती है और वो लोग छोटे किसानों का गन्ना औने- पौने दामो पर खरीदते हैं। यह गन्ना विभाग की मिली भगत से किया जाता है गन्ना सर्वेक्षण को कुछ नजराना देकर बुआई पौध को पेड़ी पौध के रूप मे सर्वे करा लेते हैं व सामान्य गन्ना को अर्ली बनवा लेता है इसका जीता जागता उदाहरण फूलबेहड़ के पास लौकिहा ,सरवा,इब्राहीमपुर,खानशाहपुरवा व तेन्दुआ गाँवो मे देखा जा सकता। इस कार्यशैली से गरीब किसान खेत खाली करने और दूसरी फसल बोने के लिए मजबूरी में बिचौलियो के हाथों या गुड़ क्रेंसर पर कम दामों में बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं। यहां तक लोगों ने बताया कि लौकिहा ग्राम पंचायत में गन्ना सर्वे कर्ता हरिश्चन्द ने कई सालों से गरीब किसानों से धन उगाही करते आ रहे है व सर्वे खेत खेत जाकर करना चाहिए किन्तु बड़े किसानों के घर पर बैठ कर सारी ग्राम पंचायत का सर्वे कर लेते हैं।