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अमरनाथ यात्रियों अपर हमला कायराना हमला: ए.ऍफ़.टी.बार एसोसिएशन
सामरिक, वैचारिक और आर्थिक स्तर पर कार्यवाही करके भारत आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष प्रारम्भ करे:विजय कुमार पाण्डेय

अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकवादी हमले के विरोध में ए.ऍफ़.टी.बार एसोसिएशन मृतक यात्रियों के संवेदना व्यक्त करते हुए भारी विरोध किया अधिवक्ताओं ने भारत सरकार से मांग की कि सरकार मृतकों के प्रति शाब्दिक संवेदना व्यक्त करने के बजाय व्यावहारिक-स्तर पर कदम उठाए जिससे पड़ोसी देश और आतंकवादियों को बड़ा संदेश दिया जा सके और भविष्य में ऐसी जघन्य घटना को होने से रोंका जा सके. बार के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा की मानवता के इतिहास के इस क्रूरतम हमले की निंदा का वक्त काफी पहले निकल चुका है अब तो इन्तहा की हद हो गई है कि धार्मिक प्रयोजनों पर निकलने वाले लोगों पर कायराना हमले किये जा रहे हैं l आतंकवाद और आतंकवादियों को किसी धर्म, जाति, क्षेत्र, और विचारधारा के आधार पर परिभाषित करने की मानसिकता से बाहर निकलकर हमें मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए, शाब्दिक चेतावनियाँ अब बेमानी हो चुकी हैं lविजय पाण्डेय ने यह भी बताया कि आतंकवाद वर्तमान युग की वैश्विक समस्या है जिससे निपटने के लिए दुनिया के समर्थान का इन्तजार नहीं करना चाहिए जब हमें मालुम है कि पड़ोसी देश का अस्तित्व ही भारत विरोध और उसको स्थिर करने पर ही अवलम्बित है तो हमें ऐसी मानसिकता से सामरिक, वैचारिक एवं आर्थिक स्तर पर निपटना चाहिए |बार के पूर्व जनरल सेक्रेटरी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस.तिवारी ने कहा की अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले को मानवता पर किया गया हमला बताया और कहा कि भारत सरकार केवल जुबानी जंग से भारत में फैलते आतंवाद से निपटना चाहती है जिसका दुष्परिणाम यह हो रहा है कि निरीह भारतीय नागरिक हताहत किये जा रहे है, उन्होंने कहा कि वक्त जब निर्णायक लड़ाई करने का हो तो उस समय केवल बयानों का प्रभाव नहीं पड़ता, धार्मिक आस्थाओं पर हमला किसी भी रूप में जायज नहीं है सरकार निर्णायक संघर्ष करे देश साथ खड़ा है l संयुक्त-सचिव पंकज कुमार शुक्ला ने कहा कि हमारी बार हताहत हुए तीर्थ-यात्रियों से संवेदना रखते हुए सरकार से निर्णायक संघर्ष प्रारम्भ करने की मांग करती हैl वरिष्ठ अधिवक्ता शमशाद आलम ने कहा कि यह हमला करने वाले किसी जाती, धर्म और सम्प्रदाय के नहीं हैं ये केवल मानवता के हत्यारे ही हो सकते हैं जिनका मुकाबला मिलकर करने की जरूरत है विरोध में अरुण कुमार शाहू, राकेश जौहरी, रोहित कुमार, विपिन सिंह वत्स इत्यादि अधिवक्ता और आलम, अंशुल गौतम एवं राजीव गुप्ता ‘आशू’ इत्यादि बार के कर्मचारी मौजूद थे l
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