छात्र ,युवा,व्रद्ध, महिला-पुरुष सब नशा-व्यसन के शिकार होते जा रहे है ।इसमें विशेष चिंता का विषय यह है कि हमारी भावी पीढ़ी अर्थात युवा वर्ग इसकी बड़ी संख्या में शिकार बन रहा है ।इस जाल में फंस कर उनका शारीरिक ,मानसिक और आर्थिक पतन हो रहा है ।इसके प्रत्यक्ष परिणाम ,दुर्घटनाये,बलात्कार,घरेलुहिं

अखिल विश्व गायत्री परिवार ने इस विनाशकारी राक्षस से निपटने एवं व्यसनमुक्त संसार की स्थापना हेतु राष्ट्रव्यापी व्यसन एवं कुरीति उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है ।इस व्यसन मुक्त भारत अभियान में व्यक्ति को वैचारिक रूप से इन बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी जाती है ।गायत्री परिवार के विभिन्न यज्ञ -संस्कारो में देव दक्षिणा के रूप में अपने जीवन की एक बुराई को त्यागने का संकल्प कराया जाता है ।संस्था के द्वारा वर्ष 2016-17को युवा क्रांति वर्ष के रूप में मनाया गया जिसमें देश भर के युवा इस बुरी आदत से दूर रहने हेतु संकल्पित हुए है ।इन्ही युवा भाई-बहनों ने मिलकर अपने प्रान्त उत्तर प्रदेश को”व्यसन मुक्त”उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है जिसके अंतर्गत 1 करोड़ युवा भाई-बहनों को नशा से मुक्त रहने हेतु संकल्प कराया जा रहा है ।





